Tuesday, June 19, 2012

Collection of pearls from LK Pt III from Jagmohan Mahajan


लाल किताब ... बिखरे मोती 11
by Jagmohan Mahajan on Tuesday, May 8, 2012 at 12:02pm ·
घर की ग्रहिणी ..रसोई की मालकिन ..रसोई में क्या पक रहा है,,,, कैसे पक रहा है..... उस से भी घर के सदस्यों की सेहत पर असर पड़ता है ! मसाला.. तेल और भी काफी सारे मिश्रण ही आपके खाने को स्वादिष्ट  बनाते हैं...और घर के सदस्यों की सेहत का सारा दारोमदार इसी खाने पर निर्भर है !घर की  ग्रहणी अगर अकलमन्द  और सुलझी हुई तो घर के सब सदस्य  खुश और स्वस्थ  रहेंगे ! लेकिन कई बार ऐसा होता नहीं है ! सब कुछ सही इस्तेमाल हो रहा है ... लेकिन घर से बिमारी नहीं निकल रही या सेहत के ताल्लुक में कुछ न कुछ मंदा होता रहता है ! अगर आप ज्योतिषी हैं या अपनी कुंडली के बारे जानकारी रखते हैं तो इस से आप अपना तथा जातक का भला कर सकते हैं ! लाल किताब के अनुसार :--


जिनका भी  मंगल खाना / भाव  नम्बर में हो ........उनके लिए लाल किताब में हिदायत है कि

हर रोज़ रोटी बनाने का तवा जब गर्म हो जाये तो उस पर ठन्डे पानी के छींटे डालकर रोटी बनाने से घर की बीमारिया दूर होंगी !


अगर घर में बिमारी नहीं है तो भी इस पर अमल करने से कोई नुकसान नहीं होने वाला ! बस एक आसान सी विधि है और इससे परिवार के सब सदस्यों का स्वस्थ ठीक रहेगा और मंगल खाना / भाव नम्बर 8 का सेहत के ताल्लुक में जो बुरा असर घर के सदस्यों पर या जातक पर होना है / होगा..... उस से बचाव ही होता रहेगा ! बस घर की ग्रहिणी को इस पर अमल करने को कहे ..इसे नित्य का क्रम ही बना ले ! आपकी अच्छी सेहत की  कामना करते हुए इस पर विराम देता हूँ !
लाल किताब ... बिखरे मोती 12
by Jagmohan Mahajan on Thursday, May 10, 2012 at 4:20pm ·
ऐसे लोग जो राज दरबार / सरकार से ताल्लुक रखते हैं..सरकारी ठेकेदारी या सरकारी कर्मचारी हैं...नेक नियति से काम कर रहे हैं ! लेकिन फिर भी कोई न कोई अड़चन लगी ही रहती है ! काम की चिंता या नौकरी की चिंता ! कब अफसर नाराज़ हो जायें और किसी  काम में कोई नुक्स निकाल कर सरकार से किये काम का पैसा रुकवा दे   ..अगर सरकारी कर्मचारी हैं तो कोई भी सच्चा झूठा दोष लगा कर नौकरी  खतरे में .... जैसे हालात  पैदा कर देना / हो जाना ...कुछ इस तरह का डर अगर आपको अपने अफसर की तरफ से लगा ही रहता है तो ! कहने का भाव यह है की सरकार की तरफ से धन दौलत की परेशानी लगी ही रहना ! यह किस ग्रह के कारण हो सकता है ! लाल किताब के अनुसार :--

जिनका भी ब्रहस्पति  खाना / भाव नम्बर 3 में हो उनके लिए हिदायत है कि

राजदरबार ( सरकार ) से सही तरीके से  गुज़ारा हो .किसी तरह की परेशानी न आये इसके लिए दुर्गा जी का पाठ और कम उम्र की मासूम लड़कियों ( कंजको / कंजक /कन्या  ) को मीठा आदि देकर उनका आशीर्वाद लेते रहना चाहिए !


ब्रहस्पति 3 वाला अगर सरकार से ताल्लुक रखता है और चाहता है कि कभी कोई परेशानी न आये तो कन्याओ का (जो माहवारी अय्याम में न गई हो  ) आशीर्वाद लेना और उनकी सेवा करने से सरकार कि तरफ से परेशानी आने कि सम्भावना नामात्र हो जाएगी !  इसके साथ साथ दुर्गा जी का कोई भी पाठ करता रहे.... सरकार से फायदा मिलना शुरू हो जायेगा ! लेकिन अगर उसमें यह आदत नहीं होगी,, कन्याओ का आदर सत्कार नहीं करेगा,,,तब हमेशा ही सरकारी उलझन में उलझा ही रहेगा और अपनी रकम / नौकरी का नुकसान करता ही रहेगा ! ज़रूरी नहीं कि यह सिर्फ सरकार से जुड़े व्यक्ति को ही करना चाहिए अगर आपका / आपके किसी जानकार का ब्रहस्पति खाना / भाव  नम्बर 3 में है तो उनको  भी राय दें कि  ब्रहस्पति के सही फल लेने के लिए वह यह सब करें !
लाल किताब ... बिखरे मोती 13
by Jagmohan Mahajan on Sunday, May 13, 2012 at 2:27pm ·
दुश्मन ..हर कोई चाहता है कि उस के दुश्मन बिलकुल ही न हो.... अगर हों तो उस से कमज़ोर ही हों ! अपने दुश्मनों पर हर कोई विजय पाना चाहता है ! दुश्मनों को अपने सामने झुकता हुआ देखना चाहता है लेकिन दुश्मनी को ख़तम नहीं करना चाहता ! इस तरह के काम करने चाहिए कि दुश्मन पैदा ही न हों ! लेकिन कई बार व्यापर में   / नौकरी में .... आगे निकलने कि होड़ में खामखा ही.. बिना वजह ही दुश्मन पैदा हो जाते हैं...आपके मन में किसी के लिए कोई दुर्भावना नहीं ...लेकिन जिस को आपके आगे निकलने से जलन हो रही है ....वो आपसे दुश्मनी करने लगता है ....आपको किसी न किसी तरह से नीचा दिखाना चाहता है ....न तो आपके मन में उसके लिए वैर है और न ही उसके मन में कोई खास तरह का नुकसान आपको पहुँचाने की मंशा ( इच्छा ) है ....लेकिन अपने मन में उसने आपको एक तरह से दुश्मन जैसा  मान लिया है ! उसको जब भी मौका लगेगा आपको नीचा दिखा ही देगा ! लेकिन भगवान ही जब आपकी मदद कर रहा है तो ? भगवान की यह कृपा कैसे होगी / होती है ! लाल किताब के अनुसार :--



जिनका भी शुक्र खाना / भाव नम्बर 8 में हो उनके लिए हिदायत है कि

दान छोड़े सिर मंदिर टेके ...शत्रु सिर कलम होता हो !!
अर्थात दान लेना छोड़ देवे और मंदिर में सिर झुकाता रहे तो दुश्मन का सिर खुद बखुद कट जायेगा !



अगर ऐसे व्यक्ति जिनका शुक्र खाना / भाव नम्बर 8 में हो अगर मंदिर में सिर झुकाने की आदत का आदि हो जाये तो उसके दुश्मन उसके सामने सिर नहीं उठाएंगे और उनका(दुश्मन) सिर झुक जायेगा या उनमें इतनी हिम्मत ही नहीं रहेगी कि वो उसकी बुराई या उसका कुछ बुरा कर सके ! शुक्र 8 वाले को  भगवान की तरफ से ही मदद मिलती जाएगी और दुश्मनों का सिर हमेशा नीचा ही रहेगा ! लेकिन मैं मंदिर को सिर्फ मंदिर न समझ कर इसको हर तरह के धर्मस्थान के आगे सिर झुकाने का आदि हो जाने की नसीहत देता हूँ ! आपने भी अक्सर देखा होगा की जब कोई व्यक्ति किसी धर्मस्थान के आगे से निकलता है तो उसका सिर खुद बखुद झुक ही जाता है... चाहे गाड़ी / स्कूटर पर ही क्यों न हो.... लेकिन कुछ लोगो में यह आदत नहीं होती ...इस आदत को सब को अपनाना चाहिए क्या पता इस से कोई ईश्वरीय मदद मिल ही जाये ! जैसा की शुक्र 8 वाले को मिलती है !
लाल किताब ... बिखरे मोती 14
by Jagmohan Mahajan on Sunday, May 13, 2012 at 10:22pm ·
औलाद का न होना , औलाद का पेट में ही नष्ट हो जाना दोनों अलग अलग बातें हैं ! जैसे ही बच्चा पेट में आया ..औरत को किसी तरह की बीमारी ने घेर लिया और डाक्टर की सलाह के अनुसार गर्भ को गिराना पड़ा या कुछ इस तरह से हो गया कि किसी दुर्घटना की वजह से बच्चा पेट में ही नष्ट हो गया ! कई बार तो यह बार बार हुआ ! तब मन में यही विचार आता है कि काश ऐसा होने से तो बेहतर था कि भगवान उम्मीद की किरण ही न दिखाता ! निराशा के इन्ही क्षणों में इस तरह की सोच का आना कोई नई या अलग तरह की बात नहीं ! क्या ऐसा संभव है कि जो उम्मीद की किरण दिखाई दी है,,, वो पूरी हो जाये और किसी तरह की कोई भी बीमारी या दुर्घटना न हो जिस से फिर से निराशा के क्षण घेर लें ! ऐसी हालत में आशा की किरण आपको लाल किताब दिखाती है ! लाल किताब के अनुसार :-


जैसे ही मालूम  हो कि औरत गर्भवती  हो गयी  है (गर्भ ठहर गया है ) ....उसी  समय औरत के बाजु  पर  लाल रंग  का सूती  धागा  बांध  दे... जो बच्चे के जन्म पर .. .. बच्चे के बाजु पर बांध दे ... और बच्चे की माता अपने बाजु पर नया धागा लाल रंग का ही बांध ले ! यह रक्षा बंधन कहलाता है और इसको बच्चे के बाजु पर 18 महीने तक रखें ! औलाद कि उम्र में बरकत देगा  !  खासकर तब जब किसी के बच्चे मरते जाते हों !


यह ज़रूरी नहीं कि यह रक्षा बंधन  उसी औरत के  बांधा जाये जिसके बच्चे न बचते हों ! यह आप हर गर्भवती औरत को..... इसको करने के लिए कह सकते हैं  जिस से किसी भी तरह का खतरा नहीं रहेगा या यूँ समझे कि न के बराबर खतरा रहेगा ! हर लाल किताब वाला इसको अवश्य करवाता है ! मैंने खुद भी हजारों औरतो को इसकी राय दी है और अभी तक शायद ही किसी ने शिकायत की है कि यह असफल हुआ है ! मेरा यह  सब लिखने का मकसद बस इतना ही है कि आप भी दुसरो को इसकी राय दें और पुण्य के भागी बने , जिस से लाल किताब का जो मकसद है , समाज की भलाई का पूरा हो ! आप चाहे तो इसको अजमाया हुआ उपाय या टोटका कुछ भी कह सकते हैं क्योंकि इसको करने के लिए किसी भी तरह से ग्रहों की गणना या उनकी अच्छी बुरी हालत देखने की आवशयकता नहीं है ! किसी ने आपको फोन किया या किसी भी समय पूछा आप इसकी राय दे सकते हैं  ! 
लाल किताब ... बिखरे मोती 15
by Jagmohan Mahajan on Monday, May 14, 2012 at 2:37pm ·
व्यापार बहुत ही बढ़िया चल रहा है , किसी तरह की कोई कमी नहीं , हर कोई चाहता है की व्यापार को आगे बढाया जाये  ! हर कोई चाहता है कि आसमान कि ऊँचाइयों को छुहा जाये !  जिस से व्यापार के लिए माल आदि  लेते हैं ,उसको समय पर भुगतान भी दिया जा रहा है ! लेकिन अचानक ही मन में ख्याल आया कि अपना कारखाना लगाया जाये जिस से समय पर माल बन जायेगा और नफा भी बड़ जायेगा ! या किसी ने इस तरह का सुझाव दे दिया कि जो माल बाज़ार से खरीदते हो ..सीधा फैक्ट्री से या डीलर आदि से खरीदो  ...कहने का भाव यह है कि मन में आया कि काम बढाया जाये ! बहुत ज्यादा पैसा चाहिए ! किसी से सांझेदारी कर ली जाये ! इस समय सांझेदारी के लिए अपने रिश्तेदारी में नज़र मारी ! सांझेदारी के लिए रिश्तेदार को मना लिया या वो मान गए ! सांझेदारी ससुराल पक्ष से की गयी !नतीजा ... सब कुछ बर्बाद हो गया ! नुकसान शुरू हो गए ! चलता काम रुक गया ! बाज़ार में साख गिर गई ! ऐसा क्या हुआ लाल किताब के अनुसार :-


जिनका भी शुक्र खाना / भाव नम्बर 7 में हो उनके लिए हिदायत है कि :--

औरत खानदान के मर्दों  का ...टेवे वाले के कारोबार में हिस्सेदार बनकर या साथी बनकर काम करने से माली हालत व  ग्रहस्ती हालत में खराबी ही देगा !


अगर ऐसा  व्यक्ति जिसका भी शुक्र खाना / भाव नम्बर 7 में हो सांझेदारी के आलावा भी... अगर अपने साले / ससुर को मदद देने की नियत से अपने साथ काम पर लगा लेगा तो भी बुरा नतीजा ही मिलेगा ! उसकी अपनी माली हालत तो खराब होगी ही , साथ के साथ ग्रहस्त सुख में भी कमी आनी शुरू हो जाएगी ! जैसे ही शुक्र 7 वाला अपने साथ अपने ससुराल पक्ष से किसी को काम पर (अपने साथ) लगाएगा परेशानिया आनी शुरू हो जाएगी ! जिस तरह का काम है उसी के मुताबिक परेशानी ! ज्यादा बड़ा काम है तो सरकार टैक्स लगा देगी या किसी महकमे का छापा पड़ जायेगा ! मैंने तो आगजनी तक होते देखी है ऐसी हालत में !  आप भी अपने जानकर ..जिनका शुक्र 7वें हो उसको राय दें की ससुराल से मिलकर काम न करे अगर कर रहे है तुरंत अलग हो जाये वर्ना नतीजा बहुत ही बुरा होगा ! इसको उपाय समझे या परहेज़ या नसीहत !  किसी दुसरे व्यक्ति / रिश्तेदार से मिलकर काम कर लें ..ससुराल से संबध तो ठीक रखे... लेकिन काम/व्यापार/हिस्सेदारी  के लिए दुरी उचित रहेगी !

Thanking You,
Regards,
Vijay Goel
Astrologer and Vastu Counselor,
Mob : 92145 02239
email : goelvj@gmail.com
www.IndianAstroVedic.com

Collection of pearls from LK part II : Jagmohan Mahajan


लाल किताब... बिखरे मोती 6
by Jagmohan Mahajan on Wednesday, May 2, 2012 at 10:50am ·
लाल किताब के उपाय जो हैं उनमें ज़्यादातर किसी न किसी ग्रह की  कोई न कोई वस्तु  धर्म स्थान पर देने को कहा गया है ,लगातार धर्म स्थान पर जाने को कहा जाता है !लेकिन फिर भी कुछ लाल किताब के विरोधी इस लाल किताब के ज्योतिष को बदनाम करने के लिए यह कहा करते हैं कि लाल किताब नास्तिक बनाती है... आपको धर्म के साथ जोडती नहीं है ...जो कि सरासर गल्त और मनगढ़ंत बात है ! सबूत के तौर पर  ज़रा इस बात पर गौर करें :---


लाल किताब के अनुसार अगर कुंडली के खाना / भाव नम्बर 8 और 12 में अगर दोस्त ग्रह हों... या  खाना / भाव नम्बर 6 में कोई अच्छा ग्रह बैठा हो और इन दोनों हालतों में खाना / भाव नम्बर 2 खाली हो तो धर्म स्थान पर जाकर अपने इष्ट देव को प्रणाम करना और मूर्तियों को अपने शरीर का कोई अंग लगा कर प्रणाम करना  हर तरह से अच्छे फल देगा !


लाल किताब के विरोधी यह बात नहीं जानते कि लाल किताब के उपाय या ग्रहों के अनुसार उनको क्या करना चाहिए या किस तरह के  परहेज़ करके  सुखी रहा जा सकता है ! सिर्फ उनका मकसद है विरोध और वो भी बेसिर पैर का !
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लाल किताब... बिखरे मोती 7
by Jagmohan Mahajan on Wednesday, May 2, 2012 at 5:06pm ·
लाल किताब आपको एक अलग तरह से जीने का नजरिया भी देती है !कौन सा ग्रह किस खाने / भाव में हो तो किस तरह की आदत से जिंदगी उम्दा हो सकती है ! ऐसा लाल किताब में बहुत जगह जिकर है ! कई बार अपनी आदतों कि वजह इन्सान के जीवन में कमी रहनी शुरू हो जाती है ! जहाँ यह मतलब नहीं कि वो आदत गन्दी है या नहीं ! बिना सोचे समझे कई बार कदम उठाना गल्त हो सकता है ,, और इसका खमियाजा जिंदगी भर भुगतना पड़ सकता है ..संबधो में दरार पड़ सकती है ! धन दौलत का अलग से नुकसान हो सकता है ! लाल किताब के अनुसार :--


जिनका भी शनि खाना / भाव नम्बर 5 में हो उनको चाहिए कि हर बात की अच्छी तरह से छानबीन करें ! छानबीन की आदत से शनि 5 वाला अपनी जिंदगी उम्दा बना लेगा !


अकसर होता क्या है.... ज़मीन जायदाद के सौदे में इंसान धोखा खा जाता है ...क्योंकि कागजात अच्छी तरह से नहीं देखे ! और भी बहुत सी बातें होती हैं यहाँ इंसान यकीन कर लेता है और छानबीन नहीं करता ! क्योंकि डरता है कि कहीं संबध न बिगड़ जाएँ ..लेकिन अगर शनि 5 वाले में छानबीन की आदत नहीं हुई तो नुकसान / धोखा  ही खायेगा ...इसीलिए इसको चाहिए कि हर बात कि अच्छी तरह से छानबीन अवश्य किया करे ! अगर आप ज्योतिषी हैं और आपके पास ऐसा कोई जातक आये तो उसको यही राय अवश्य दें !
लाल किताब ...बिखरे मोती 8
by Jagmohan Mahajan on Thursday, May 3, 2012 at 10:47am ·
आराम हराम है ! यह सब जानते हैं ! मेहनतकश होना बुरी बात नहीं ! लेकिन क्या मेहनत का फल सब को मिलता है ? क्या आराम नहीं करना चाहिए ! क्या अपने काम की / मेहनत की शेखी  हरदम बघारते रहना चाहिए कि "मैं  आराम नहीं करता ...हर समय काम में लगा रहता हूँ" ! यह बात ऐसे ही है जैसे कि उड़द की दाल सब के लिए एक जैसी नहीं होती ! आराम नहीं करना चाहिए , लेकिन हर समय काम में लगे भी नहीं रहना चाहिए ! लाल किताब के अनुसार :--


जिनका भी शुक्र खाना / भाव नम्बर 9 में हो उनके  लिए ...
गिना सबसे बेहतर गो मेहनत का खाना
मगर शेखी क्या खून हरदम बहाना !!!
ऐसे व्यक्ति को आराम करने की बजाय हद से ज्यादा मेहनती होना ,, कोई अच्छा नतीजा नहीं देगा !


लेकिन इसके साथ यह भी कहा गया है कि शुक्र 9 वाला ..    लखपति होते हुए भी अपने पेट की रोटी की कीमत के बराबर मेहनत करके रोटी खायेगा  (चाहे कितना भी अमीर हो  ) ! आप देखे कि अगर ऐसा व्यक्ति अपने कर्मचारी के साथ खड़ा होकर उसके काम में थोडा सा हाथ बटा दे तो उसकी मेहनत भी हो गयी और कर्मचारी भी खुश हो गया..... और शुक्र 9 का अच्छा फल भी मिलना शुरू हो गया ! हद से ज्यादा मेहनत करना कोई अच्छा नतीजा नहीं देगी ...शुक्र 9 वाले को !
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लाल किताब ... बिखरे मोती 9
by Jagmohan Mahajan on Thursday, May 3, 2012 at 4:17pm ·
रुपिया पैसा  सोच समझ कर खर्च करें ! मुश्किल समय में यही काम  आता है ! सही भी है और बड़े बजुर्गो का यही कहना है ! लेकिन इसके लिए ज़रूरी खर्च रोक लेना या कंजूस बन जाना शोभा नहीं देता ! क्या  यह सब भी ग्रहों के अनुसार होता है या किसी के ग्रह ... किसी को क्या इस तरह की सलाह  दे सकते हैं कि रुपिया पैसा खर्चना चाहिए/ जोड़ना चाहिए  ? क्या कंजूस रहना / बनना  अच्छा रहेगा या खुले दिल से रुपिया पैसा खर्च करना अच्छा रहेगा ! इस बारे में लाल किताब क्या कहती है ! आइये इस पर भी गौर करते हैं ! लाल किताब के अनुसार :--


जिनका भी चन्द्र खाना / भाव नम्बर 4 में हो उनके लिए ...खर्चने पर और बड़ने वाला आमदन का दरिया !!
जिस क़दर खर्च ज्यादा होवे माया और दौलत उसी क़दर और भी बडती जाएगी !

लेकिन इतना ध्यान रखा जाये कि यह सलाह   सिर्फ उन्ही के लिए है जिनका चन्द्र खाना / भाव नम्बर 4 में हो और वो भी अकेला ! कोई भी दूसरा ग्रह साथ न हो (किसी दुसरे ग्रह की युति न हो ) !!



अब चन्द्र 4 वाले को यह सलाह  दी जाएगी कि वो दिल खोल कर खर्च करे लेकिन खर्च बुरी आदतों पर न करे ! जो खर्च ज़रूरी हों उन पर खर्च करने से.. उनके लिए  धन दौलत का दरिया बह रहा है जब जी चाहे अपनी झोली भर ले ! खड़ा हुआ पानी भी खराब हो जाता है... दुर्गन्ध मारने लगता है ... ऐसे ही अगर चन्द्र 4 वाला पैसा रोक लेगा तो पैसा किसी अच्छे काम के लिए काम नहीं आयेगा ! जितना खर्च करेगा उतना और मिलता जायेगा ..बल्कि ज्यादा ही मिलेगा !


लाल किताब ... बिखरे मोती 10
by Jagmohan Mahajan on Sunday, May 6, 2012 at 2:54pm ·
ज़्यादातर लोग रात के समय कोई भी शुभ काम करने से परहेज़ करते हैं या रात को इस तरह के काम के लिए  सलाह मशवरा तक नहीं करते ! क्या दिन के समय किये गए इस तरह के काम अच्छा नतीजा देते हैं  ???  क्या सभी लोग दिन के समय नया काम शुरू करें  ??? क्या रात्रि को किया गए काम अच्छा नतीजा नहीं देंगे ???  क्या किसी ग्रह की..... इस तरह की स्थिति हो सकती है कि उसको यह राय दी जा सके की उसको किस वक़्त शुभ कामो के बारे विचार करना चाहिए या शुरू करना चाहिए  ??? क्या दिन के वक़्त किया / सोचा  गया काम अच्छा रहेगा  ??? क्या रात्रि के वक़्त सोचे / किये काम अच्छा नतीजा नहीं देंगे ??? लाल किताब के अनुसार :--


जिनका भी शनि खाना / भाव नम्बर 6 में हो ... उनके लिए रात के वक़्त किये हुए काम में शनिचर का कोई मंदा असर शामिल नहीं होगा !


इसीलिए शनि 6 वाले को यह राय दी जाती कि जब भी किसी नए काम की / अच्छे  काम की प्लानिंग करनी हो तो रात के समय करें ! यहाँ तक कि जिनका शनि खाना नम्बर 6 में था.... मैंने उनको नौकरी के प्रार्थना पत्र (Resume)  भी रात्रि के समय इ मेल करने को कहा और इसका अच्छा नतीजा भी मिला है ! नौकरी से निकाले जा चुके व्यक्ति को भी अपने अफसर से मिलने के लिए ,अपना पक्ष रखने के लिए ...नजदीक के शहर में जाना था तो उसको सफ़र के लिए रात्रि ही भेज दिया ,जबकि सुबह भी जाते तो  पहुंचा जा सकता था ! आज वो व्यक्ति अपनी नौकरी पर बहाल हो चुका है !

Thanking You,
Regards,
Vijay Goel
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Collection of pearls of LK Part I from Jagmohan Mahajan


लाल किताब ... बिखरे मोती 1
by Jagmohan Mahajan on Thursday, April 26, 2012 at 10:46pm ·
जैसा कि सब जानते हैं कि जन्म कुंडली का नीच ग्रह या मंदा ग्रह अपना मंदा असर उस साल देगा,, जिस साल लाल किताब के वर्षफल  के अनुसार  वो ग्रह नीच या मंदे घरों में आ जाये ! यह लाल किताब का एक नियम है ....
हर ग्रह अपना अच्छा या बुरा फल उस साल देगा जिस साल वो वर्षफल के अनुसार अच्छे / मंदे घर आ जाये  (जन्मकुंडली का अच्छा ग्रह अच्छे घर और मंदा ग्रह  मंदे घर )  ! लेकिन इसके साथ एक बात और याद रखने वाली है कि अगर खाना नम्बर 8 का ग्रह दुबारा से किसी साल खाना नम्बर 8 में आ जाये तो उस साल नीचे लिखा फल प्राप्त होगा/हो सकता है  ! लेकिन यहाँ पर याद रखे कि खाना नम्बर 8 का ग्रह मंदा होना चाहिए !
1 ...खाना नम्बर 8 के ग्रह का दोस्त ग्रह
2 .. खाना नम्बर के ग्रह का कुर्बानी का बकरा ग्रह
3 .. जन्मकुंडली का खाना नम्बर 6 का ग्रह 
इन सबके मुतुयल्का रिश्तेदार मृत्यु तुल्य कष्ट भोगेगें यह भी हो सकता है कि इन ग्रहों के मुतुयल्का कोई रिश्तेदार मृत्यु को प्राप्त हो ही जाये !
लेकिन अगर खाना नम्बर 6 का मंदा ग्रह जिस साल वर्षफल के अनुसार खाना नम्बरमें फिर से दोबारा आयेगा उस साल नीचे लिखा फल प्राप्त हो सकता है ....
1 ...खाना नम्बर के ग्रह का दोस्त ग्रह
2 .. खाना नम्बर 6   के ग्रह का कुर्बानी का बकरा ग्रह
3 .. जन्मकुंडली का खाना नम्बर का ग्रह 
इन सबके मुतुयल्का रिश्तेदार पाताली हालत / मंदी दशा बल्कि कम उम्र (उम्र को खतरा ) होने का सबूत देगा !

ऐसी ही और बहुत सारी बाते जिनसे जातक को काफी कुछ बताया जा सकता है और सावधानी बरतने को कह कर जातक का भला किया जा सकता है ! कोशिश करूँगा कि लाल किताब के ऐसे बिखरे हुए मोती जो लाल किताब में इधर उधर बिखरे हुए हैं एक ही जगह इकठे करके आपके सामने उनकी माला बना कर दे सकूँ  ..जिस से हर कोई फायदा उठा सके !

लाल किताब ......बिखरे मोती 2
by Jagmohan Mahajan on Sunday, April 29, 2012 at 4:10pm ·
खाना नम्बर 5 में अगर कोई ऐसे ग्रह जो आपस में दुश्मन हैं /पापी  बैठे हैं जो औलाद का सुख कम करते हों या औलाद की पैदायश में विघ्न /या जिंदा न रहने देते हों ..मसलन शनि खाना नम्बर 5 में बच्चे खाने वाला  सांप माना गया है ! तो क्या जिनके भी शनि खाना नम्बर 5 है उनके घर नर औलाद नहीं बच पायेगी या मकान बनाने के बाद औलाद पर मृत्यु का खतरा मंडराने लग जायेगा ? ऐसे ही खाना नम्बर 5 में अगर राहू/केतु  हो तो क्या नर औलाद नहीं होगी या देरी से होगी ..ऐसा ही हर लाल किताबी समझता है अगर किसी के औलाद है ..और खाना नम्बर 5 के अनुसार औलाद नहीं  रहनी चाहिए या कम उम्र हो सकती है ....बिलकुल सही हैटेवे  को  गलत कह देते हैं ! 

टेवे को गलत कहने से पहले खाना नम्बर 9 के ग्रह को भी देख लेना चाहिए ..अगर खाना नम्बर 9 में कोई ग्रह नहीं है तब यह नियम  लागु हो सकता है ? लेकिन अगर उसी समय जन्म कुंडली के  खाना नम्बर 9 में कोई भी ग्रह हो तो  ऊपर लिखित नियम में  बदलाव हो जाता है !


और बदलाव यह है कि जो ग्रह खाना नम्बर 9 में है ... उस  ग्रह को जो दिन / वार  दिया गया है , अगर उसी दिन / वार को  नर औलाद पैदा हो जाये तो वो कायम रहेगी उसकी आयु को कोई खतरा नहीं ! उदाहरण के तौर मान लीजिये खाना नम्बर 5 में शनि है और उसी कुंडली में खाना नम्बर में मंगल हो तो मंगलवार को पैदा हुई नर औलाद अपनी पूरी उम्र भोगेगी ! बेशक शनि और मंगल आपस में दुश्मनी रखते हैं ! इस हालत में औलाद को कोई खतरा नहीं !

लाल किताब ......बिखरे मोती 2
by Jagmohan Mahajan on Sunday, April 29, 2012 at 4:10pm ·
खाना नम्बर 5 में अगर कोई ऐसे ग्रह जो आपस में दुश्मन हैं /पापी  बैठे हैं जो औलाद का सुख कम करते हों या औलाद की पैदायश में विघ्न /या जिंदा न रहने देते हों ..मसलन शनि खाना नम्बर 5 में बच्चे खाने वाला  सांप माना गया है ! तो क्या जिनके भी शनि खाना नम्बर 5 है उनके घर नर औलाद नहीं बच पायेगी या मकान बनाने के बाद औलाद पर मृत्यु का खतरा मंडराने लग जायेगा ? ऐसे ही खाना नम्बर 5 में अगर राहू/केतु  हो तो क्या नर औलाद नहीं होगी या देरी से होगी ..ऐसा ही हर लाल किताबी समझता है अगर किसी के औलाद है ..और खाना नम्बर 5 के अनुसार औलाद नहीं  रहनी चाहिए या कम उम्र हो सकती है ....बिलकुल सही हैटेवे  को  गलत कह देते हैं ! 

टेवे को गलत कहने से पहले खाना नम्बर 9 के ग्रह को भी देख लेना चाहिए ..अगर खाना नम्बर 9 में कोई ग्रह नहीं है तब यह नियम  लागु हो सकता है ? लेकिन अगर उसी समय जन्म कुंडली के  खाना नम्बर 9 में कोई भी ग्रह हो तो  ऊपर लिखित नियम में  बदलाव हो जाता है !


और बदलाव यह है कि जो ग्रह खाना नम्बर 9 में है ... उस  ग्रह को जो दिन / वार  दिया गया है , अगर उसी दिन / वार को  नर औलाद पैदा हो जाये तो वो कायम रहेगी उसकी आयु को कोई खतरा नहीं ! उदाहरण के तौर मान लीजिये खाना नम्बर 5 में शनि है और उसी कुंडली में खाना नम्बर में मंगल हो तो मंगलवार को पैदा हुई नर औलाद अपनी पूरी उम्र भोगेगी ! बेशक शनि और मंगल आपस में दुश्मनी रखते हैं ! इस हालत में औलाद को कोई खतरा नहीं !

लाल किताब...बिखरे मोती 4
by Jagmohan Mahajan on Monday, April 30, 2012 at 8:59pm ·
वास्तु के अनुसार मकान का दरवाज़ा किस दिशा में होना चाहिए ? इस पर मतभेद की कोई गुंजायश नहीं है ! कई बार व्यक्ति जब मकान का  वास्तु चेक करवाता है (वैसे ही या किसी समस्या के आने पर ) तो वास्तु के  अनुसार मकान का दरवाज़ा ठीक दिशा में नहीं है ...ऐसा वास्तु शास्त्री कह देता है ! फिर क्या किया जाये ? वास्तु शास्त्री राय देता है कि घर / मकान के दरवाज़े की दिशा बदल दीजिये ! क्या इस से समस्या का समाधान हो जाता है ? अवश्य हो जाता है ...लेकिन कई बार इस से समस्या का समाधान नहीं होता ..बल्कि मुसीबते  दोगुणी रफ़्तार  से बड़ने लग  जाती हैं .....  तो क्या वास्तु शास्त्री गलत था ? जी नहीं वास्तु शास्त्री गलत नहीं था ! क्योंकि मकान के दरवाज़े कि दिशा बदलने के लिए भी आपको जन्म कुंडली चाहिए ,इसका ज्ञान उस वास्तु शास्त्री को नहीं था ! हर किसी  को दरवाज़े की दिशा बदलने के लिए  कुंडली की ज़रूरत नहीं ! लेकिन अगर आप इतना बड़ा निर्णय ले रहे है कि मकान के दरवाज़े की दिशा बदली जाये तो एक बार किसी लाल किताब वाले की राय अवश्य ले लें !

क्योंकि ...........

जिस भी व्यक्ति का जन्म कुंडली में शनि खाना नम्बर 11  में होगा ...अगर वो व्यक्ति अपने जन्म से पहले बने हुए मकानों /मकान के दरवाजों/दरवाज़े कि दिशा बदल देगा तो उसकी जिंदगी एक तरह से मातम की सराय हो जाएगी !

इसलिए शनि 11 वाले को यही राय दी जाती है कि अपने मकान के दरवाज़े की दिशा न ही बदले तो अच्छा है,,  चाहे वो मकान उसके जन्म से पहले बना हुआ या उसके बाद बना हुआ हो ! अगर किसी भी तरह की समस्या है तो उसका कोई दूसरा समाधान देखे  ..मकान के दरवाज़े की दिशा बदलने से समस्या का समाधान तो नहीं होगा बल्कि और ज्यादा हानि ही होगी !  यह हिदायत सिर्फ शनि 11 वाले के लिए है कि वो मकान के दरवाज़े की दिशा न बदले !

लाल किताब ...बिखरे मोती 5
by Jagmohan Mahajan on Tuesday, May 1, 2012 at 5:05pm ·
अक्सर देखने में आता है कि लोग किसीको अगर  रुपिया उधार देते है ,बाद में वो मिलता नहीं ! चाहे वो रिश्तेदारी में दिया गया हो या वैसे ही मेल मिलाप में ! जब खुद को ज़रूरत पड़ी तो अपनी ही रकम वापिस नहीं मिलती और संबध भी बिगड़ जाते हैं !  तो क्या लोगो पर यकीन करना बंद कर दें ? अगर ऐसा होने लग जाये तो लोग कभी भी एक दुसरे के काम नहीं आयेंगे ! क्या ग्रह ऐसा करवा सकते हैं कि अगर आप किसी को रकम देंगे तो उसके डूब जाने के आसार हैं ? ऐसा भी हो सकता है ? अगर आपके भी ग्रह ऐसे हैं या अगर आप ज्योतिष करते हैं तो आप अपने उस जातक का भला कर सकते हैं जो आपसे सलाह लेने आया है और उसके/जातक के  ग्रह भी कुछ इस  तरह हों ...


लाल किताब के अनुसार जिस भी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मंगल और शनि इकठे हैं (युति है) ,, चाहे किसी भी खाने/भाव में उस व्यक्ति को जब भी.... किसी भी तरह से,,,, किसी को भी, कोई भी रकम देनी हो , तो  उस से लिखित अवश्य करवाए ,, बाद में हिसाब करते समय चाहे जितना मर्ज़ी लिहाज़ कर दे या रकम छोड़ दे ! इस से रकम डूबने के आसार नहीं बनेंगे ,वर्ना मंगल + शनि  युति वाले कि रकम अक्सर  डूब ही जाया करती है !


अब अगर ऐसे युति मंगल=शनि  वाले के पास कोई रकम लेने आ ही गया है.... और उसको  ज़रूरत भी है....और ज़रूरत भी जायज़ है  और देने वाला देना भी चाहता है..... और डर भी है कि बाद में पता नहीं मिले या न मिले..... तो उसको चाहिए कि वो लिखित अवश्य करवा ले ..इस से रकम डूबने के आसार बिलकुल न के बराबर हो जायेंगे !

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Thanking You,
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Vijay Goel
Astrologer and Vastu Counselor,
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